स्पेशल 26 की तर्ज पर पैथालॉजिस्ट डॉक्टर के घर 100 से 200 करोड़ रूपये कैश होने की लालच में फर्जी IT अधिकारी ने मारी रेड..अब पहुंच गए हवालात.

स्पेशल 26 की तर्ज पर पैथालॉजिस्ट डॉक्टर के घर 100 से 200 करोड़ रूपये कैश होने की लालच में फर्जी IT अधिकारी ने मारी रेड..अब पहुंच गए हवालात.

शशिकांत सनसनी छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के धमतरी में पैथोलॉजी डॉक्टर के 100 से 200 करोड़ रुपए कैश होने की लालच में स्पेशल-26 के तर्ज पर ठगी की कोशिश की है.मामला धमतरी जिले से सामने आया है।जहां के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रत्नाबांधा रोड स्थित डॉ. दिलीप राठोर पैथोलॉजिस्ट के घर पर 17 नवंबर को 7 से 8 लोगों ने घर में आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घर पर दबिश दी थी।धमतरी पुलिस ने मामले में खुलासा करते हुए अलग अलग राज्य के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल धमतरी के पैथोलॉजी डॉक्टर के घर में 100 से 200 करोड़ रुपए कैश पड़ा है।इस बात की सूचना मिलने पर कुछ शातिर बदमाशों ने फर्जी आयकर अधिकारी बनकर डॉक्टर के घर पर छापेमारी की..घंटों घर का कोना-कोना छाना, लेकिन उम्मीद के अनुसार डॉक्टर के घर से कुछ खास हाथ नहीं लगा..ऐसे में ये सभी निराश होकर निकल गए।लेकिन इनके निकलते समय डॉक्टर को कुछ शक हुआ, फिर उन्होंने पूछताछ की.उस समय तो शातिर बदमाशों ने डॉक्टर को बातों में उलछा दिया।लेकिन अब ये सभी शातिर हवालात की हवा खा रहे हैं।दरअसल छापेमारी के बाद शक के आधार पर डॉक्टर ने पुलिस से मामले की शिकायत की थी।जिसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने अलग-अलग राज्यों से छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।स्पेशल-26 के तर्ज पर ठगी की कोशिश करने वाला यह मामला धमतरी जिले से सामने आया है.जहां के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रत्नाबांधा रोड स्थित डॉ. दिलीप राठोर पैथोलॉजिस्ट के घर पर 17 नवंबर को 7 से 8 लोगों ने घर में आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घर पर दबिश दी थी।इन लोगों घर में घुसकर नकदी रकम, सोने-चांदी के जेवरात, जरूरी दस्तावेजों की जांच पड़ताल की थी. और कई घंटों घर के अंदर तलाशी करने के बाद आरोपी खाली हाथ लौट रहे थे.। तभी डॉ. दिलीप राठोर पैथोलॉजिस्ट के घर पर मौजूद लोगों ने संदिग्ध लोगों पर शक ने पर तुरंत उनसे पूछताछ की।लेकिन संदिग्ध लोग अपनी बातों में घुमाकर तत्काल मौके से भाग खड़े हुए।वहीं शक होने पर पीड़ित परिवारों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी थी. और मौके पर तत्काल कोतवाली पुलिस csp पहुंचे हुए थे..जिसके बाद घर के बाहर लगे CCTV फुटेज को खांगला गया था..CCTV फुटेज में दो गाड़ियां नजर आई थी..जो कि 8 पासिंग राजनंदगांव की गाड़ियां रही थी।वहीं पीड़ित परिवारों ने इस मामले पर 26 दिन के बाद कोतवाली थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत FIR दर्ज कराई थी।जिसके बाद पुलिस ने घटना के 12 आरोपियों को अलग-अलग जगहों दुर्ग, बालोद, धमतरी,दल्ली राजहरा, नागपुर महाराष्ट्र, रायपुर, से गिरफ्तार किया गया है।आरोपियों से पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ की तो आरोपियों ने यह बताया कि जिस घर में फर्जी आईटी अधिकारी बनकर उन्होंने दबिश दी थी।उन्हें ऐसी जानकारी मिली थी।कि इस घर में 100 से 200 करोड रुपए कैश रखे हुए हैं।जिसको लेकर टाटा सफारी, स्विफ्ट डिजायर और स्विफ्ट कार लेकर आरोपी अपने कार में रकम को रखने के लिए 15 से 20 जुट बोरा लेकर पहुंचे हुए थे।लेकिन घर के अंदर तलाशी लेने पर उन्हें कुछ नहीं मिला, तो वह खाली हाथ लौट गए थे।इस मामले में अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि दो आरोपी दीपक मोहन के विरुद्ध थाना पारसिवनी जिला नागपुर में अपराध क्रमांक 71/2025 अंतर्गत धारा 305 भारतीय न्याय संहिता बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध है।

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